टेढ़े पैर – बच्चों और बड़ों में

बहुत छोटे बच्चों के पैर थोड़े टेढ़े दिखना अक्सर सामान्य होता है और उम्र के साथ अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन कुछ मामलों में टेढ़ापन बीमारी की वजह से होता है और बढ़ता जाता है – तब इलाज ज़रूरी है।

उम्र के साथ सामान्य बदलाव

  • • 2 साल तक: पैर थोड़े बाहर की ओर मुड़े (धनुष जैसे) – सामान्य
  • • 3 से 4 साल: घुटने थोड़े अंदर की ओर मिलते हैं – अक्सर सामान्य
  • • 7 से 8 साल तक: ज़्यादातर बच्चों के पैर सीधे हो जाते हैं

कब डॉक्टर को दिखाएँ?

  • • 2 साल के बाद भी टेढ़ापन बढ़ रहा हो
  • • 7–8 साल के बाद भी घुटने बहुत अंदर मिलते हों
  • • सिर्फ़ एक पैर टेढ़ा हो
  • • बच्चा उम्र के हिसाब से बहुत छोटा हो, दर्द हो, लंगड़ाए या जल्दी थके
  • • कलाई या पसलियों में सूजन, देर से चलना (रिकेट्स/सूखा रोग के लक्षण हो सकते हैं)
  • • बड़ों में टेढ़े पैर के साथ घुटने में दर्द

आम कारण

  • • रिकेट्स (सूखा रोग) – विटामिन D या कैल्शियम की कमी, या ख़ून में फॉस्फेट की कमी वाली बीमारी
  • • ब्लाउंट रोग – घुटने के नीचे हड्डी का एक तरफ़ से कम बढ़ना
  • • चोट या इन्फेक्शन से हड्डी की ग्रोथ प्लेट ख़राब होना
  • • पुरानी टूटी हड्डी का टेढ़ा जुड़ना

जाँच

  • • खड़े होकर और चलाकर जाँच
  • • दोनों पैरों का पूरा खड़े होकर एक्स-रे
  • • रिकेट्स के शक में ख़ून की जाँच (कैल्शियम, फॉस्फेट, विटामिन D आदि)
  • • कंप्यूटर पर टेढ़ेपन का सही नाप

इलाज

  • • सामान्य उम्र वाला टेढ़ापन: सिर्फ़ निगरानी
  • • रिकेट्स: दवा से इलाज – हल्का टेढ़ापन अक्सर सुधर जाता है
  • • बढ़ते बच्चों में "गाइडेड ग्रोथ": छोटे चीरे से हड्डी के एक तरफ़ छोटी प्लेट लगाकर पैर धीरे-धीरे सीधा होता है
  • • ज़्यादा टेढ़ापन या बड़ों में: हड्डी काटकर सीधा करना (ऑस्टियोटॉमी) – प्लेट से एक बार में, या इलिजारोव फ्रेम से धीरे-धीरे

ध्यान दें

मालिश, तेल या खास जूतों से हड्डी का टेढ़ापन सीधा नहीं होता। सही समय पर सही इलाज ज़रूरी है।

यह जानकारी मरीज़ों की समझ के लिए है। इलाज और नतीजे हर मरीज़ में अलग होते हैं। सही सलाह के लिए डॉक्टर से मिलें।