हड्डी टूटी थी, अब तक नहीं जुड़ी?
हड्डी टूटने के बाद आमतौर पर कुछ हफ़्तों से कुछ महीनों में जुड़ जाती है। अगर लंबे समय बाद भी टूटी जगह पर दर्द है, हिलती है, या एक्स-रे में हड्डी नहीं जुड़ी दिखती, तो इसे "नॉन-यूनियन" (हड्डी न जुड़ना) कहते हैं। अगर हड्डी टेढ़ी या छोटी होकर जुड़ गई, तो उसे "मैल-यूनियन" कहते हैं।
लक्षण
- • टूटी जगह पर लगातार दर्द
- • चलने पर उस जगह हिलना या कमज़ोरी
- • लगी हुई प्लेट या रॉड का टूटना या ढीला होना
- • पैर का टेढ़ा, छोटा या घूमा हुआ लगना
- • कई बार घाव से पानी या मवाद आना (इन्फेक्शन)
हड्डी क्यों नहीं जुड़ती?
- • हड्डी ठीक से स्थिर न रही हो
- • उस जगह ख़ून का बहाव कम हो
- • इन्फेक्शन
- • डायबिटीज़, बीड़ी-सिगरेट, गुटखा, विटामिन D की कमी या कमज़ोर खान-पान
इलाज
सबसे पहले कारण ढूँढा जाता है। फिर ज़रूरत के हिसाब से:
- • इलिजारोव फ्रेम या नई प्लेट/रॉड से हड्डी को मज़बूती से स्थिर करना
- • हड्डी जोड़ने को बढ़ावा देना
- • अगर पैर टेढ़ा या छोटा है, तो उसी इलाज में सीधा और लंबा करना
- • इन्फेक्शन हो तो उसका पूरा इलाज
इलिजारोव फ्रेम के साथ ज़्यादातर मरीज़ पैर पर वज़न डाल सकते हैं, जिससे हड्डी जुड़ने में मदद मिलती है। कई मरीज़ों में हड्डी बिना हड्डी का टुकड़ा (बोन ग्राफ्ट) लगाए भी जुड़ जाती है।
दो-तीन ऑपरेशन हो चुके हैं – क्या अब भी उम्मीद है?
हाँ। कई मरीज़ों में पहले के ऑपरेशन असफल होने के बाद भी, असली कारण ठीक करने पर हड्डी जुड़ जाती है।
क्या लाएँ?
सारे पुराने और नए एक्स-रे, ऑपरेशन के कागज़, डिस्चार्ज समरी और दवाइयों की लिस्ट।