हड्डी में मवाद, घाव से पानी आना – हड्डी का पुराना इन्फेक्शन
अगर हड्डी के ऊपर किसी घाव से बार-बार पानी या मवाद आता है, बार-बार सूजन, बुखार या दर्द होता है – ख़ासकर हड्डी टूटने या ऑपरेशन के बाद – तो यह हड्डी का पुराना इन्फेक्शन (क्रॉनिक ऑस्टियोमाइलाइटिस) हो सकता है।
सिर्फ़ दवा से ठीक क्यों नहीं होता?
इन्फेक्शन वाली हड्डी का हिस्सा मर जाता है और उसमें ख़ून नहीं पहुँचता। इसलिए दवा (एंटीबायोटिक) वहाँ तक नहीं पहुँच पाती। जब तक वह ख़राब हड्डी निकाली नहीं जाती, इन्फेक्शन बार-बार लौटता है।
इलाज के चरण
- 1इन्फेक्शन वाली ख़राब हड्डी और ढीली प्लेट/रॉड निकालना
- 2कीटाणु की जाँच (कल्चर) और सही दवा
- 3हड्डी में दवा वाले मोती/सीमेंट रखना (ज़रूरत पड़ने पर)
- 4इलिजारोव फ्रेम से हड्डी को स्थिर करना
- 5ख़राब हड्डी निकालने से जो जगह ख़ाली हुई, उसे दोबारा बनाना
- 6घाव ढकने के लिए ज़रूरत हो तो प्लास्टिक सर्जरी
बोन ट्रांसपोर्ट – ग़ायब हड्डी को दोबारा बनाना
जब चोट, इन्फेक्शन या ट्यूमर की वजह से हड्डी का एक टुकड़ा ग़ायब हो जाता है, तो इलिजारोव फ्रेम से स्वस्थ हड्डी का एक टुकड़ा काटकर रोज़ लगभग 1 मिलीमीटर खिसकाया जाता है। पीछे की ख़ाली जगह में शरीर नई हड्डी बना देता है। जब यह टुकड़ा दूसरी तरफ़ पहुँचता है, तो दोनों सिरे जोड़ दिए जाते हैं। ज़्यादातर मामलों में शरीर के दूसरे हिस्से से हड्डी लेने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
समय और धैर्य
यह इलाज कई महीनों का होता है और इसमें मरीज़ व परिवार का साथ ज़रूरी है। लेकिन इससे ऐसे पैर भी बचाए जा सकते हैं जिन्हें काटने (एम्प्यूटेशन) की सलाह दी गई हो।
आप क्या करें
- • बीड़ी, सिगरेट, गुटखा बंद करें
- • डायबिटीज़ नियंत्रित रखें
- • अच्छा, प्रोटीन वाला खाना खाएँ
- • ठीक होने के बाद भी नियमित जाँच करवाते रहें
पैर काटने की सलाह मिली है?
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